ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में महाराष्ट्र बंद

May 21, 2026 Do Baje Dopahar Page 1

ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में महाराष्ट्र बंद

डीबीडी संवाददाता | मुंबई

डिजिटल दौर में ई-फार्मेसी और इंस्टेंट डिलीवरी ऐप्स के बढ़ते दखल ने अब देश के पारंपरिक दवा व्यवसाय पर सीधा असर डालना शुरू कर दिया है। इसी के विरोध में गुरुवार को ‘ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स’ तथा ‘महाराष्ट्र स्टेट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एसोसिएशन’ के आह्वान पर राज्यभर के करीब सवा लाख थोक और खुदरा दवा विक्रेताओं ने अपनी दुकानें बंद रखीं।

केमिस्ट संगठनों का आरोप है कि बड़ी कॉरपोरेट ऑनलाइन कंपनियां बिना डॉक्टर की पर्ची के भी दवाएं बेच रही हैं। उनका कहना है कि इससे बाजार में नकली और घटिया जेनेरिक दवाओं की बिक्री बढ़ रही है, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

ठाणे, अमरावती और जलगांव में जोरदार प्रदर्शन

ठाणे और अमरावती जिला कलेक्टर कार्यालयों के बाहर सुबह से ही बड़ी संख्या में दवा विक्रेता जमा हुए। प्रदर्शनकारियों ने काली टोपी और काले रिबन बांधकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जलगांव में केमिस्टों ने खानदेश सेंट्रल मॉल से कलेक्टरेट तक ढोल बजाकर विरोध मार्च निकाला और प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। दवा विक्रेताओं ने मांग की है कि कोरोना काल में लागू की गई होम डिलीवरी अधिसूचना को तुरंत रद्द किया जाए। संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी मांगें नहीं मानी, तो सांकेतिक बंद जल्द ही अनिश्चितकालीन हड़ताल में बदल सकता है।

पश्चिम महाराष्ट्र और कोंकण में सबसे ज्यादा असर

सांगली जिले में करीब 4 हजार और कोल्हापुर-सातारा क्षेत्र में 3200 से अधिक मेडिकल स्टोर बंद रहे। कोंकण क्षेत्र के रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग और रायगढ़ जिलों में भी लगभग 4 हजार दवा विक्रेता आंदोलन में शामिल हुए, जिससे कई शहरों में दवा दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा।

मरीजों को हुई परेशानी

अचानक हुई हड़ताल के कारण कई जगह मरीजों और उनके परिजनों को जरूरी दवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ा। सांगली सिविल अस्पताल के आसपास ग्रामीण इलाकों से आए मरीज दवाओं के लिए भटकते नजर आए।

QR code