अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जोर का झटका
अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने वाला प्रस्ताव पास
एजेंसी | वाशिंगटन
अमेरिकी संसद में मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव पारित हो गया। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ट्रंप प्रशासन को ईरान के साथ संभावित युद्ध से पीछे हटने के लिए मजबूर करना है। इस प्रस्ताव के समर्थन में विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के साथ चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी मतदान किया। वहीं, तीन रिपब्लिकन सांसद मतदान में शामिल नहीं हुए। इसे ट्रंप के खिलाफ उनकी ही पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत माना जा रहा है।
ईरान पर हमले के बाद बड़ा विवाद
फरवरी के अंत में राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा ईरान पर हमला करने के आदेश के बाद डेमोक्रेट सांसद लगातार युद्ध अधिकार प्रस्ताव ला रहे थे। इन प्रस्तावों में मांग की गई थी कि राष्ट्रपति किसी भी सैन्य कार्रवाई से पहले कांग्रेस की मंजूरी लें या फिर अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाएं। अब तक रिपब्लिकन सांसद ऐसे प्रस्तावों को रोकने में सफल रहे थे, लेकिन इस बार लुइसियाना के सीनेटर बिल कैसिडी ने अपना रुख बदलते हुए प्रस्ताव के पक्ष में निर्णायक वोट दिया। ‘वॉर पॉवर्स एक्ट’ के तहत लाया गया यह प्रस्ताव 50 के मुकाबले 47 मतों से पारित हुआ। इससे यह संकेत मिला कि रिपब्लिकन पार्टी के भीतर भी कुछ नेता ईरान के साथ लंबे युद्ध को लेकर चिंतित हैं। केंटुकी के सीनेटर रैंड पॉल, मेन की सुसैन कॉलिन्स और अलास्का की लिसा मकॉर्ल्स्की ने भी प्रस्ताव का समर्थन किया।
अंतिम मंजूरी और वीटो पर टिकी नजर
हालांकि, इस प्रस्ताव को अभी प्रतिनिधि सभा से भी मंजूरी लेनी होगी, जहां रिपब्लिकन पार्टी का बहुमत है। इसके बाद भी राष्ट्रपति ट्रंप इसे वीटो कर सकते हैं। यदि ट्रंप वीटो करते हैं, तो उसे निरस्त करने के लिए सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता होगी, जिसे फिलहाल मुश्किल माना जा रहा है।